हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, इन दंपतियों की वृद्धावस्था पेंशन होगी बंद

 

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प्रदेश सरकार ने एक फैसले के तहत चार लाख तक की सालाना आमदनी वाले करीब 15-16 हजार बुजुर्गों की सामाजिक पेंशन बंद कर दी। इससे प्रभावित हुए लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि सरकार उन्हें जबरदस्ती परेशान कर रही है। हालांकि प्रदेश सरकार का नियम है कि जिस दम्पति की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक है। वह वृद्धावस्था पेंशन नहीं ले सकता। लेकिन राज्य में हजारों की संख्या में ऐसे दम्पति हैं जो वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। जैसे-जैसे परिवार पहचान पत्र में लाेग अपनी आय का विवरण दर्ज करवा रहे हैं, वैसे-वैसे गलत जानकारी देकर पेंशन बनवाने वाले बुजुर्गों की पेंशन सरकार बंद कर रही है।https://www.apnamistri.in/2021/05/blog-post.html

विभाग के अनुसार सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी ही पेंशन बंद होने के लपेटे में आ रहे हैं। अपने सेवानिवृत्त कर्मचारी को हर साल की कितनी पेंशन दे रही है, इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास होती है। कर्मचारी चाहे प्रदेश सरकार को हो केंद्र सरकार का। कई साल पहले सरकार ने निर्णय लिया था कि वे दम्पति जिनकी आयु 60 साल हो चुकी है, वे प्रदेश सरकार से वद्धावस्था पेंशन ले सकते हैं। लेकिन सरकार शर्त्त तय की थी दम्पति की वार्षिक आमदनी दो लाख रुपये ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन सरकार के नियमों को नजरअंदाज करके जिसके पति को पेंशन के रूप में वार्षिक दो लाख रुपये सरकार दे रही थी, उसकी पत्नी वद्धावस्था पेंशन बनवा ली। या फिर जिस व्यक्ति की पत्नी सेवानिवृत्त की पेंशन ले रही थी, उसने वद्धा पेंशन लेनी शुरू कर दी। अब ऐसे लोगों की पेंशन बंद की जा रही है।

पीपीपी में वार्षिक आय दर्ज करनी होती है। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया सरकार के पोर्टल पर की जाती है। इसलिए सरकार ने ट्रिपल पी का पोर्टल से डाटा लेकर समाज कल्याण विभाग को भेजा था। उसमें करीब 16 हजार दम्पति ऐसे मिले, जिनकी आय चार लाख रुपये तक है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी ले रहे हैं।बता दें प्रदेश में करीब 17-18 लाख लोगों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का आंकड़ा 28 लाख के करीब है। इनमें विधवा, लाडली और दूसरी पेंशन शामिल हैं।

गौरतलब है कि अगर किसी लाभार्थी को पेंशन प्राप्त करनी है, उसको पीपीपी बनवाना पड़ेगा। इसके बिना पेंशन नहीं मिलेगी। पीपीपी में प्रत्येक परिवार को यूनिक आईडी मिलती है। इस आईडी को बैंक खातों, आधारकार्ड समेत दूसरे दस्तावेजों से लिंक किया जाता है। उसके बाद हर व्यक्ति की आमदनी सामने आ जाती है।

यह जानकारी सरकार ने फिलहाल जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय तक को भी नहीं भेजी है। अभी तक उन लाभार्थियों की पेंशन सरकार ने बंद की है, जिनकी वार्षिक आय 4 लाख तक है। अब दो लाख से ऊपर की आमदनी वालों की भी पेंशन बंद होगी। चूंकि सरकार का यही नियम है।

बता दें पेंशन बंद होने पर जब लाभार्थी जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे तो विभाग ने उनका पीपीपी में वार्षिक आय का कॉलम देखा। लाभार्थी की वार्षिक आय अगर चार लाख रुपये तक दर्ज होती है तो कार्यालय यह मानकर चलता है कि इसी वजह से पेंशन बंद हुई होगी।

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